September 28, 2021

प्राचीनकालीन

सन् 1921 में राय बहादुर दयाराम साहनी द्वारा हड़प्पा स्थल (प. पंजाब, पाकिस्तान), की खोज से एक नई सभ्यता के बारे में जानकारी हुई,  जिसे पुरातत्त्ववेत्ताओं ने हड़प्पा संस्कृति या सिंधु घाटी की सभ्यता नाम दिया। इस सभ्यता को सैंधव सभ्यता या प्रथम नगरीय सभ्यता अथवा सिंधु सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है। इस सभ्यता की लिपि को पढ़ने में अभी तक पूरी तरह किसी को सफलता नहीं मिल पाई है। सिंधु घाटी सभ्यता का फैलाव पंजाब, सिंधु, बलुचिस्तान, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में था। परंतु खुदाइयों से इसके क्षेत्र वर्तमान से भी बढ़ भी सकते हैं। उत्तर में जम्मू के मांडा जिला से दक्षिण में नर्मदा नदी का मुहाना भगतराव तक और पश्चिम में बलूचिस्तान के मकरान तट से पूरब में मेरठ जिला के आलगीरपुर तक इसका फैलाव था। यह संपूर्ण क्षेत्र त्रिभुजाकार है, जिसका क्षेत्रफल 12,99,600 वर्ग कि.मी. है। यह क्षेत्र...