September 28, 2021

Anil Mishra

-देवेश कुमार 'गौड़'  होली का दिन था। सुबह से ही पूरे गाँव में बच्चों का हुड़दंग शुरू हो गया था। वे बाल्टी और पिचकारी ले-लेकर एक-दूसरे के पीछे दौड रहे थे। घर के आँगन की दीवार पर मुँह लटकाए बैठा छज्जू मन-ही-मन कुढे जा रहा था।  'क्या नसीब है? होली का दिन और यूँ सूखा-सूखा। एक खुराक मिल जाती, तो...