September 28, 2021

खुसरो की प्यास

अमीर खुसरो अपने दोसुखने और पहेलियों के लिए प्रसिद्ध थे। अकसर लोग रास्ता चलते उनसे  कुछ-न-कुछ सुनने के लिए उतावले रहते थे। 

एक बार जब खुसरो कहीं जा रहे थे तो रास्ते में उन्हें प्यास लगी। 

कुछ दूर एक कुएं पर चार पनिहारिनें पानी भर रही थीं। वह सीधे पनिहारिनों के पास पहुंचे और  उनसे पानी पिलाने के लिए कहने  लगे। 

अमीर खुुसरो को देखते ही पनिहारिनों ने उन्हें पहचान लिया। 

उन्होंने खुसरो के सामने शर्त रखी कि जब वह उनके कहे हुए शब्दों को जोड़ कर कुछ तुकबंदी  सुनाएंगे तब वे उन्हें पानी पिलाएंगी। 

चारों पनिहारिनों ने एक-एक शब्द क्रमशः बोला – खीर, चरखा, कुत्ता और ढोल। 

खुसरो ने एक क्षण तक कुछ सोचा, फिर बोले –

‘‘खीर पकाई जतन से, चरखा दिया चलाय। 

आया कुत्ता खा गया, तू बैठी ढोल बजाय।

ला पानी पिला।’’