September 28, 2021

इलाके में घुसपैठ

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय योगदान करने वाली सरोजनी नायडू एक अच्छी कवयित्री भी थीं। वह समसामयिक साहित्य और साहित्यत्यकारों के बारे में भी जानकारी रखती थीं।

एक बार किसी ने उन्हें बताया कि आजकल डॉ. शांतिस्वरूप भटनागर (महान वैज्ञानिक) भी कविताएं लिख रहे हैं।

वे बोलीं, ‘अच्छा मैं पूछूंगी।’ 

कुछ समय बाद जब भटनागरजी से उनका आमना-सामना हुआ, तो उनसे वे चुटकी लेना नहीं भूलीं, ‘तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे कार्यक्षेत्र में घुसपैठ की? सुना तुम कविताएं लिख रहे हो? यह मेरा इलाका है। तुम विज्ञान की चहारदीवारी में ही सीमित रहो।’

यह सुनकर भटनागरजी पहले तो कुछ सकपकाए, फिर मुसकराए।