September 28, 2021

इतिहास के आईने में पर्यावरण

  • पृथ्वी के प्रथम जीव – स्ट्रोमेटोलाइट्स 3,50,00,00,00 वर्ष पुरानी चट्टानों में पाए गए हैं।
  • पुष्पीय पौधे पृथ्वी पर क्रिटेसीयस युग विकसित हुए।
  • पथरीले ढलानों पर अपना घर बसाने वाले पहले जीव लाइकेन थे।
  • पृथ्वी पर पक्षी जुरेसिक काल में विकसित हुए।
  • ‘रंध्र’ कार्बोनेट चट्टानों वाले इलाके में पाए जाते हैं।
  • ‘एक्वीफर’ का संबंध भूमिगत जल से है।
  • ‘रेगोलिथ’ ऊपरी मृदा परत का नाम है।
  • पृथ्वी की ऊपरी परत वैज्ञानिक भाषा में ‘स्थलमंडल’ कहलाती है।
  • वराहमिहिर ने दावा किया था कि दीमक का ढेर उस जगह पर भूमिगत पानी का सूचक है।
  • सम्राट अकबर ने चीते को जंगल में शिकार के लिए प्रयोग किया था।
  • पशु-पक्षियों का अवलोकन करने और नवीन पेड़-पौधे उगाने का शौक जहाँगीर को था।
  • शिवाजी ने जहाज निर्माण के लिए फलयुक्त पेड़ों को काटने पर प्रतिबंध लगाते हुए एक कानून स्वीकृत किया था, क्योंकि इससे खेती पर विपरीत प्रभाव होता है।
  • एक सुरक्षित वन अर्थात् ‘अभयारण्य’ चलाने के लिए अर्थशास्त्र में नियम और नियंत्रक दिए गए हैं।
  • लेखे में दर्ज पहला युद्ध मिस्र में हुआ था।
  • ‘जैव युद्ध’ की इतिहास में दर्ज पहली घटना 600 ई.पू. में हुई थी।
  • नाभिकीय बम से नष्ट होने वाला प्रथम नगर था हिरोशिमा।
  • ‘नाभिकीय शीत’ नाम नाभिकीय विभीषिका के परिणामों से जुड़ा है।
  • द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ‘जीवाणु युद्ध’ प्रयोगों से ग्रुइनार्ड का द्वीप प्रदूषित हो गया था।
  • मूल रूप से पर्यावरण आंदोलन हेनरी डेविड थोरो ने प्रेरित किया था।
  • भारतीय पारिस्थितिकीय आंदोलन – चिपको आंदोलन – का मुख्य आधार स्त्रियों ने बनाया।
  • चिपको आंदोलन की अगुवाई करनेवाली संस्था का नाम दसोहली ग्राम स्वराज्य मंडल था।
  • भारत में ‘अप्पिको आंदोलन’ कर्नाटक में शुरू हुआ था।